पावन चिन्तन धारा आश्रम की दिव्य भूमि पर भारत के सांस्कृतिक जागरण की नींव रखी जा रही है। आधुनिक समय में बच्चे-युवा अपने धर्म, संस्कृति और संस्कार से दूर हो रहे हैं, योग, ध्यान और धर्मशास्त्र के गूढ़ ज्ञान से विमुख हो रहे हैं, जो हमारे देश के भविष्य का आधार बनेंगे। आश्रम में इन सभी विषयों से सम्बंधित प्रशिक्षण भारत के युवाओं को दिया जाता है।
सांस्कृतिक जागरण
आध्यात्मिक प्रशिक्षण
राष्ट्र निर्माण
आवश्यकता
इस प्रशिक्षण को विस्तार देने के लिए आश्रम में साधक निवास स्थल और अध्ययन कक्ष इत्यादि की आवश्यकता है। यह भवन निर्माण केवल इमारत का निर्माण नहीं, बल्कि भारत के भविष्य का निर्माण है।
साधक निवास
अध्ययन कक्ष
ध्यान कक्ष
पुस्तकालय
यह भवन निर्माण केवल इमारत का निर्माण नहीं, बल्कि भारत के भविष्य का निर्माण है। इस भवन की नींव में आपका प्रत्येक योगदान भारत के भविष्य की नींव को सशक्त व शक्तिशाली बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
विशेष आह्वान: आइए, हम सब मिलकर इस पुनीत कार्य में भागीदार बनें। आपका हर योगदान इस दिव्य भवन की ईंट-ईंट में समाहित होकर भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का माध्यम बनेगा। गुरुदेव का आशीर्वाद सदैव आपके साथ रहे।